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कई लोग घुटने का दर्द शुरू होते ही दर्दनिवारक दवाइयाँ लेना शुरू कर देते हैं या घरेलू उपायों पर निर्भर रहते हैं, जबकि कुछ लोग यह मान लेते हैं कि अंततः उन्हें घुटने की सर्जरी ही करानी पड़ेगी।

घुटने के दर्द के लिए बेस्ट ऑर्थोपेडिक उपचार कैसे चुनें?

घुटनों का दर्द आज केवल बढ़ती उम्र की समस्या नहीं रही। लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करने वाले कर्मचारी, खेल-कूद करने वाले खिलाड़ी, अधिक वजन वाले लोग, और ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित मरीज भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं। कई लोग दर्द शुरू होते ही दर्दनिवारक दवाइयाँ लेना शुरू कर देते हैं या घरेलू उपायों पर निर्भर रहते हैं, जबकि कुछ लोग यह मान लेते हैं कि अंततः उन्हें घुटने की सर्जरी ही करानी पड़ेगी।

वास्तविकता यह है कि घुटने के दर्द का सही उपचार उसके मूल कारण पर निर्भर करता है। सही समय पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से परामर्श लेकर उचित उपचार अपनाने से कई मरीज बिना सर्जरी के भी राहत प्राप्त कर सकते हैं।

दीर्घकालिक घुटने के दर्द के सामान्य कारण

घुटने का जोड़ शरीर का सबसे अधिक काम करने वाला जोड़ है। लगातार दबाव और उम्र के साथ होने वाले बदलाव इसके कार्य को प्रभावित कर सकते हैं।

घुटने के पुराने दर्द के प्रमुख कारण हैं:

  • ऑस्टियोआर्थराइटिस (घुटने के जोड़ का घिसना)
  • खेल या दुर्घटना के कारण लगी चोट
  • मेनिस्कस या लिगामेंट की चोट
  • अधिक वजन
  • लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठना या खड़ा रहना
  • बार-बार सीढ़ियाँ चढ़ना या घुटनों पर अत्यधिक दबाव डालना

यदि इन कारणों का समय रहते उपचार न किया जाए तो दर्द धीरे-धीरे बढ़ सकता है और चलना-फिरना भी कठिन हो सकता है।

किन लक्षणों को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए?

शुरुआती अवस्था में घुटने का दर्द कभी-कभी आता है और आराम करने पर कम हो जाता है। लेकिन यदि नीचे दिए गए लक्षण लगातार बने रहें, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना आवश्यक है।

  • कई सप्ताह तक लगातार दर्द रहना
  • सीढ़ियाँ चढ़ने या उतरने में कठिनाई
  • चलने या लंबे समय तक खड़े रहने पर दर्द बढ़ना
  • घुटने में सूजन
  • सुबह उठते समय अकड़न
  • घुटने से आवाज़ आना
  • घुटने का अस्थिर महसूस होना
  • दैनिक कार्यों में कठिनाई

इन लक्षणों की अनदेखी करने से जोड़ की समस्या और गंभीर हो सकती है।

सही निदान क्यों आवश्यक है?

हर घुटने के दर्द का कारण एक जैसा नहीं होता। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर उपचार शुरू करना उचित नहीं है।

एक अनुभवी ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ आमतौर पर निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाते हैं:

  • मरीज की विस्तृत मेडिकल हिस्टरी जानना
  • शारीरिक परीक्षण करना
  • घुटने की गतिशीलता का मूल्यांकन
  • आवश्यकता पड़ने पर X-ray या MRI की सलाह देना

इन जाँचों से यह स्पष्ट होता है कि दर्द का कारण जोड़ का घिसना है, लिगामेंट की चोट है, मेनिस्कस की समस्या है, या कोई अन्य कारण।

उपचार विकल्पों की तुलना

सही निदान के आधार पर प्रत्येक मरीज के लिए व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जाती है।

1. फिजियोथेरेपी

फिजियोथेरेपी घुटने के दर्द के शुरुआती उपचारों में से एक है। इसमें विशेष व्यायामों के माध्यम से मांसपेशियों को मजबूत बनाया जाता है और जोड़ की कार्यक्षमता बेहतर करने का प्रयास किया जाता है।

इसके लाभ हैं:

  • मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है।
  • घुटने की गतिशीलता में सुधार होता है।
  • दर्द कम करने में सहायता मिलती है।

हालाँकि यदि जोड़ का घिसाव अधिक हो चुका हो या संरचनात्मक समस्या गंभीर हो, तो केवल फिजियोथेरेपी पर्याप्त नहीं हो सकती।

2. दवाइयाँ

दर्द और सूजन कम करने के लिए डॉक्टर कुछ समय तक दवाइयाँ दे सकते हैं।

इनसे कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, लेकिन:

  • दर्द का मूल कारण समाप्त नहीं होता।
  • लंबे समय तक दवा लेने से दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
  • दवा बंद करने पर दर्द दोबारा लौट सकता है।

इसलिए दवाइयों को स्थायी समाधान नहीं माना जाता।

3. सर्जरी

कुछ मरीजों में जब घुटने का जोड़ अत्यधिक क्षतिग्रस्त हो जाता है या अन्य उपचार प्रभावी नहीं रहते, तब घुटने की सर्जरी या नी रिप्लेसमेंट की सलाह दी जा सकती है।

सर्जरी के साथ कुछ महत्वपूर्ण बातें भी जुड़ी होती हैं:

  • अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है।
  • रिकवरी में कई सप्ताह या महीनों का समय लग सकता है।
  • संक्रमण, रक्तस्राव या अन्य जटिलताओं का जोखिम रहता है।
  • सभी मरीज सर्जरी के लिए पात्र नहीं होते।

इसी कारण अनेक मरीज पहले सुरक्षित और कम आक्रामक विकल्प तलाशते हैं।

एडवांस्ड नी रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम: बिना सर्जरी का आधुनिक विकल्प

जिन मरीजों में शुरुआती से मध्यम स्तर तक घुटने की समस्या हो और जिन्हें ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ पात्र मानें, उनके लिए एडवांस्ड नी रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम एक आधुनिक, नॉन-सर्जिकल विकल्प हो सकता है।

इस उपचार में नी डिकम्प्रेशन टेक्नोलॉजी सहित विभिन्न पुनर्वास तकनीकों का उपयोग किया जाता है।

इसका उद्देश्य है:

  • घुटने के जोड़ पर नियंत्रित तरीके से दबाव कम करना।
  • जोड़ की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायता करना।
  • दर्द कम करने में मदद करना।
  • चलने-फिरने की क्षमता में सुधार लाना।
  • मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए फिजियोथेरेपी और व्यायाम को शामिल करना।
  • जीवनशैली और दैनिक गतिविधियों में आवश्यक बदलावों के बारे में मार्गदर्शन देना।

यह समझना महत्वपूर्ण है कि यह कार्यक्रम प्रत्येक मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होता। इसकी उपयुक्तता मरीज की उम्र, जाँच रिपोर्ट, घुटने की स्थिति, और चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ द्वारा निर्धारित की जाती है।

सही उपचार कैसे चुनें?

घुटने के दर्द का उपचार चुनते समय केवल दर्द की तीव्रता नहीं, बल्कि उसके कारण को समझना आवश्यक है।

ध्यान रखने वाली योग्य बातें:

  • स्वयं दवा लेने की आदत से बचें।
  • दर्द लंबे समय तक बना रहे तो विशेषज्ञ से परामर्श लें।
  • X-ray या MRI जैसी जाँचों की आवश्यकता होने पर उन्हें करवाएँ।
  • उपचार का चुनाव बीमारी की अवस्था, जीवनशैली, और डॉक्टर की सलाह के अनुसार करें।
  • नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, और सही मुद्रा अपनाकर घुटनों पर अनावश्यक दबाव कम करें।

ANSSI के बारे में:

ANSSI Wellness का मुख्य उद्देश्य घुटनों के दर्द से जूझ रहे मरीज़ों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है; खास करके उन मामलों में, जहाँ अन्य पारंपरिक उपचार असफल रहे हैं। एडवांस्ड नी रिहैबिलिटेशन ट्रीटमेंट (Advanced Knee Rehabilitation Treatment) के माध्यम से, ANSSI Wellness मरीज़ों को सर्जरी से बचने और एक सुरक्षित, प्रभावी, तथा सहानुभूतिपूर्ण वातावरण में ठीक होने में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।

विशेषज्ञ मार्गदर्शन के लिए LinkedIn, Instagram, और Facebook पर ANSSI Wellness से जुड़ें।

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Picture of Dr. Pawankumar Navnath Jadhav | M.B.B.S, D. Ortho

Dr. Pawankumar Navnath Jadhav | M.B.B.S, D. Ortho

Dr. Pawankumar Jadhav is an Orthopaedic Consultant and Non-Surgical Spine Specialist with 15+ years of clinical experience and 5,000+ patients treated. He trained under leading spine surgeons at Bombay Hospital (under Dr. Arvind G. Kulkarni & Dr. Vishal Kundnani), S.L. Raheja Hospital, and Hinduja Healthcare Surgical Hospital, Mumbai. He holds an MBBS from Maharashtra University of Health Sciences, Nashik (2010) and a D.Ortho from CPS Mumbai (2018). At ANSSI Wellness, he specialises in non-surgical treatment of disc bulge, sciatica, spondylosis, retrolisthesis, and chronic neck and back pain.

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