Upcoming Clinics at Pune (Swargate), Pune (Kothrud), PCMC (Bhosari), Sangli (Miraj), Latur, Nanded, Ahilyanagar, Sambhaji Nagar, Belgaon.
वास्तव में, हर डिस्क बल्ज दर्द का कारण नहीं बनता और न ही हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता होती है।

डिस्क बल्ज क्या होता है? लक्षण, कारण और बिना-सर्जरी उपचार के सही विकल्प

रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याओं में डिस्क बल्ज एक ऐसी स्थिति है, जो युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी प्रभावित कर सकती है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, गलत मुद्रा, उम्र के साथ होने वाले बदलाव, और कुछ मामलों में चोट इसके कारण हो सकते हैं। कई लोगों को एमआरआई जांच के बाद पता चलता है कि उनकी रीढ़ में डिस्क बल्ज है। इसके बाद उनके मन में सवाल उठता है कि क्या यह गंभीर समस्या है और क्या इसे ठीक करने के लिए सर्जरी करवाना जरूरी है?

वास्तव में, हर डिस्क बल्ज दर्द का कारण नहीं बनता और न ही हर मरीज को सर्जरी की आवश्यकता होती है। सही निदान, लक्षणों का आकलन, और उचित उपचार योजना से कई लोगों को बिना-सर्जरी राहत मिल सकती है।

डिस्क बल्ज क्या होता है?

हमारी रीढ़ की हड्डी कई छोटी हड्डियों से बनी होती है, जिन्हें कशेरुका कहा जाता है। इनके बीच गद्दीनुमा डिस्क मौजूद होती हैं, जो चलने, झुकने, और अन्य गतिविधियों के दौरान लगने वाले झटकों को सहने में मदद करती हैं।

प्रत्येक डिस्क की बाहरी परत मजबूत रेशेदार ऊतकों से बनी होती है और अंदर का हिस्सा तुलना में नरम होता है। जब डिस्क का बाहरी किनारा अपनी सामान्य सीमा से बाहर की ओर उभरने लगता है, तो इस स्थिति को डिस्क बल्ज (Disc Bulge) कहा जाता है।

यदि उभरी हुई डिस्क आसपास की नसों पर दबाव डालती है, तो कमर या गर्दन में दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्नपन जैसे लक्षण दिख सकते हैं। हालांकि, कुछ लोगों में डिस्क बल्ज होने के बावजूद कोई लक्षण दिखाई नहीं देते।

डिस्क बल्ज और डिस्क हर्निएशन में क्या अंतर है?

डिस्क बल्ज और डिस्क हर्निएशन दोनों रीढ़ की डिस्क से जुड़ी स्थितियां हैं, लेकिन इनमें अंतर होता है।

  • डिस्क बल्ज: इसमें डिस्क का बाहरी हिस्सा अपेक्षाकृत व्यापक क्षेत्र में बाहर की ओर उभरता है। कई मामलों में बाहरी रेशेदार परत में स्पष्ट टूटन नहीं होती।
  • डिस्क हर्निएशन: इसमें डिस्क के अंदरूनी पदार्थ का कुछ हिस्सा कमजोर या क्षतिग्रस्त बाहरी परत से बाहर की ओर निकल सकता है। यह आसपास की नसों पर दबाव डाल सकता है।

समस्या की गंभीरता डिस्क में हुए बदलाव, नसों पर दबाव, लक्षणों, और शारीरिक जांच पर निर्भर करती है।

डिस्क बल्ज होने के प्रमुख कारण

डिस्क बल्ज के पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • उम्र संबंधी बदलाव: समय के साथ डिस्क की पानी बनाए रखने की क्षमता और लचीलापन कम हो सकता है।
  • लंबे समय तक बैठना: लगातार एक ही मुद्रा में बैठे रहने से पीठ और गर्दन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
  • गलत मुद्रा: झुककर बैठना या गलत तरीके से वजन उठाना रीढ़ पर दबाव बढ़ा सकता है।
  • चोट या अचानक दबाव: गिरने, दुर्घटना, या भारी वस्तु उठाने के दौरान लगी चोट कुछ मामलों में डिस्क को प्रभावित कर सकती है।
  • शारीरिक गतिविधि की कमी: मांसपेशियों की ताकत और शारीरिक क्षमता कम होने से रीढ़ को सहारा देने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।

डिस्क बल्ज एक या कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है।

डिस्क बल्ज के लक्षण क्या हैं?

लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि डिस्क रीढ़ के किस हिस्से में उभरी है और क्या उससे किसी नस पर दबाव पड़ रहा है।

कमर की डिस्क बल्ज में:

  • कमर में लगातार या बार-बार दर्द होना।
  • नितंब से पैर तक दर्द फैलना।
  • पैर या पंजे में झनझनाहट अथवा सुन्नपन।
  • लंबे समय तक बैठने या कुछ गतिविधियों के दौरान परेशानी बढ़ना।

गर्दन की डिस्क बल्ज में:

  • गर्दन में दर्द और अकड़न।
  • कंधे या बांह तक दर्द फैलना।
  • उंगलियों में झनझनाहट या सुन्नपन।
  • कुछ मामलों में हाथों की ताकत कम होना।

यदि कमजोरी तेजी से बढ़ रही हो, चलने में परेशानी हो, या पेशाब अथवा मल पर नियंत्रण में बदलाव आए, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

डिस्क बल्ज का पता कैसे लगाया जाता है?

  • डिस्क बल्ज की पहचान के लिए डॉक्टर पहले लक्षणों, दर्द की अवधि, और शारीरिक गतिविधियों से जुड़ी परेशानियों के बारे में जानकारी लेते हैं।
  • इसके बाद मांसपेशियों की ताकत, संवेदना, चलने की क्षमता, और नसों से संबंधित लक्षणों की जांच की जा सकती है।
  • जरूरत पड़ने पर एमआरआई जांच से डिस्क की स्थिति और आसपास की नसों पर संभावित दबाव का आकलन किया जाता है।

केवल एमआरआई में डिस्क बल्ज दिखाई देने के आधार पर उपचार तय नहीं करना चाहिए। जांच के निष्कर्षों का रोगी के लक्षणों से मेल खाना भी जरूरी है।

क्या डिस्क बल्ज का उपचार बिना-सर्जरी संभव है?

कई मरीजों में डिस्क बल्ज के लक्षणों को नॉन-सर्जिकल तरीकों से नियंत्रित किया जा सकता है। उपचार में चिकित्सकीय सलाह के अनुसार फिजिकल थेरेपी, उचित व्यायाम, दैनिक गतिविधियों में बदलाव, और जरूरत के अनुसार दवाएं शामिल हो सकती हैं।

दवाएं दर्द और सूजन कम करने में सहायता कर सकती हैं, लेकिन वे हर मामले में डिस्क की संरचना को ठीक नहीं करतीं। इसलिए लगातार या बार-बार होने वाले दर्द में समस्या के कारण का आकलन करना महत्वपूर्ण है।

सर्जरी पर आमतौर पर तब विचार किया जाता है जब गंभीर नस संबंधी समस्याएं हों या उचित नॉन-सर्जिकल उपचार के बावजूद लक्षणों में पर्याप्त सुधार न हो। इसका निर्णय विशेषज्ञ द्वारा किया जाना चाहिए।

नॉन-सर्जिकल स्पाइनल डीकंप्रेशन ट्रीटमेंट की भूमिका

नॉन-सर्जिकल स्पाइनल डीकंप्रेशन ट्रीटमेंट (NSSDT) एक नॉन-सर्जिकल उपचार विकल्प है, जिसमें विशेष उपकरण की सहायता से रीढ़ पर नियंत्रित खिंचाव दिया जाता है।

  • इसका उद्देश्य पात्र मरीजों में डिस्क और आसपास की संरचनाओं पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायता करना है।
  • इस उपचार के पीछे एक संभावित लक्ष्य डिस्क के भीतर दबाव में बदलाव लाना है। इसे नकारात्मक दबाव (निगेटिव प्रेशर) कहा जाता है।
  • नॉन-सर्जिकल स्पाइनल डीकंप्रेशन ट्रीटमेंट की उपयुक्तता डिस्क की स्थिति, लक्षणों, और चिकित्सकीय जांच पर निर्भर करती है।
  • यह सभी प्रकार की डिस्क समस्याओं के लिए उपयुक्त नहीं है। गंभीर कमजोरी या नसों पर अधिक दबाव के संकेत होने पर पहले विशेषज्ञ से तत्काल मूल्यांकन करवाना आवश्यक है।

ANSSI के बारे में:

ANSSI Wellness रीढ़ की समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करता है। आधुनिक नॉन-सर्जिकल स्पाइनल डीकंप्रेशन उपचार के माध्यम से, ANSSI मरीजों को बिना-सर्जरी एक सुरक्षित, प्रभावी, और देखभालपूर्ण माहौल में ठीक होने में मदद करता है।

कंसल्टेशन बुक करें:

Call +91 9004726844 | 9920936844

Visit www.anssiwellness.com

ANSSI Wellness से जुड़ें LinkedIn, Instagram, और Facebook पर और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करें।

Picture of Dr. Pawankumar Navnath Jadhav | M.B.B.S, D. Ortho

Dr. Pawankumar Navnath Jadhav | M.B.B.S, D. Ortho

Dr. Pawankumar Jadhav is an Orthopaedic Consultant and Non-Surgical Spine Specialist with 15+ years of clinical experience and 5,000+ patients treated. He trained under leading spine surgeons at Bombay Hospital (under Dr. Arvind G. Kulkarni & Dr. Vishal Kundnani), S.L. Raheja Hospital, and Hinduja Healthcare Surgical Hospital, Mumbai. He holds an MBBS from Maharashtra University of Health Sciences, Nashik (2010) and a D.Ortho from CPS Mumbai (2018). At ANSSI Wellness, he specialises in non-surgical treatment of disc bulge, sciatica, spondylosis, retrolisthesis, and chronic neck and back pain.

Related Posts

Book an Appointment

We are Asia’s Fastest Growing Chain of Spine Clinics. Consult With our Spine Experts and Unlock your Pain Free Life

Step 1

Book Appointment with our Spine Expert

Step 2

Get Detailed Diagnosis and a Customized Treatment Plan

Step 3

Complete the Treatment and Unlock the Door to Pain Free Life

    [honeypot honeypot-662]